शुक्रवार, 28 दिसंबर 2012

दामिनी तुझे श्रधांजलि

दामिनी तुझे श्रधांजलि

तन से तो मर गई  थी दामिनी उसी दिन
बस सरकार  उसकी  लाश को ढ़ो  रही थी
ख़ुशी है उसकी  आत्मा  अमर  हो  गई 
मुक्त उसकी आत्मा ने
ले लिया है आन्दोलन  का  रूप 
विश्वाश है  हमें
अब मुक्त उसकी आत्मा हर पल
लड़ेगी  देश के  सभी दमिनियो  के लिए
नतमस्तक  मैं दे रही हूँ
दामिनी तुझे श्रधांजलि
तू मरी  नहीं
जीत गई है
जी गई है
  मेरे अंदर
    जन जन के अंदर 
         हर दामिनी के अंदर








 
 

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