दामिनी तुझे श्रधांजलि
तन से तो मर गई थी दामिनी उसी दिनबस सरकार उसकी लाश को ढ़ो रही थी
ख़ुशी है उसकी आत्मा अमर हो गई
मुक्त उसकी आत्मा ने
ले लिया है आन्दोलन का रूप
विश्वाश है हमें
अब मुक्त उसकी आत्मा हर पल
लड़ेगी देश के सभी दमिनियो के लिए
नतमस्तक मैं दे रही हूँ
दामिनी तुझे श्रधांजलि
तू मरी नहीं
जीत गई है
जी गई है
मेरे अंदर
जन जन के अंदर
हर दामिनी के अंदर
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