बुधवार, 24 दिसंबर 2008

yaade

यादे बहुत खुबसूरत होती है
दिल को सुकून देने वाली होती है
लेकिन तब जब
वह जुड़ी होती है
तरक्की से
प्यार से
और
कीसी बहुत ही अपने करीबी से
आज
बहुत दिनों बाद मिली मैं
अपने उस मित्र से
जिसके बिना नही रह पाती थी मैं
अकेली पलभर भी अकेली
अच्छा लगा
बहुत अच्छा लगा
यादे खुबसुरत
चलचित्र सी सामने घूम गई
दिल को सुकून दे गई

मंगलवार, 9 दिसंबर 2008

आतंकवाद आज बहुत ही गंभीर सिथिति मे पंहुच चुका है
हमें द्यान देना होगा की हमारी आने वाली पीढी इस गंभीर बीमारी की शिकार ना बने
इसलिए
इस गंभीर चुनौती के खिलाफ हमे कमर कस कर खडा होना होगा
अब समय नही है की दुसरे की कारवाई का आसरा देखे

रविवार, 29 जून 2008

मेरा विचार

समाज के बदलते रंग ढंग ने हमारी जीवन शैली बदल दी है। सामाजिक संबंध की गरिमा खत्म होती जा रही है। परम्पराओ के बंधन में बंधा संबंध हमें बंधन लगने लगा है। खुलकर मिलना , खुलकर बातचीत करना , छोटे - बड़े के अहसास से दूर , हर संबंध को दोस्ती का नाम देकर संबंधों की गरिमा को नजर अंदाज करना आज के लोगों का बनता जा रहा है। उन्हें समझ नहीं आ रहा की उनका यह फैशन हमारी पारिवारिक परम्परा को एक नाग की तरह डसता जा रहा है । हमारे पुरखों ने बड़ी मेहनत से संबंधों की एक श्रृखला बनाई थी , जिसे चरित्र की मर्यादा से सीचा है। आज के लोग आधुनिकता के नाम पर संबंधों की इस श्रृंखला को तहस नहस किए जा रहे हैं । परंपराओं का यह सर्वनाश हमारे जीवन शैली का सर्वनाश है। समय रहते हमें सचेत होना होगा, वरना हमारी मर्यादा, हमारी परम्परा सभी मिट जायेगी और हमारे नवनिहाल हमारे पुरखों के गौरवमयी आदर्श को जीने से वंचित रह जायगा।